आबादी पर मीडिया का दृष्टिकोण

वरुण शैलेश जनगणना-2011 के मुताबिक भारतीय मुस्लिमों की आबादी पिछले दशकों की तुलना में बहुत धीमी गति से बढ़ी है और इनकी वृद्धि दर हिन्दू आबादी के मुकाबले तेजी से कम हुई है। भारतीय इतिहास के एक दशक में मुस्लिमों की वृद्धि दर में सबसे ज्यादा कमी जनगणना 2011 में है। भारत में पिछले 10 … Continue reading आबादी पर मीडिया का दृष्टिकोण

संवाद व्यवस्था का नया और भयावह चेहरा

1943 में इंडियन फेडरेशन ऑफ लेबर के कार्यकर्ताओं के बीच डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने कहा "लोकतंत्र समानता का दूसरा नाम है। संसदीय लोकतंत्र ने स्वतंत्रता की चाह का विकास किया लेकिन समानता के प्रति इसने नकारात्मक रुख अपनाया। यह समानता के महत्व को अनुभव करने में असफल रहा और इसने स्वतंत्रता तथा समानता के बीच … Continue reading संवाद व्यवस्था का नया और भयावह चेहरा

दक्षिण एशिया में शांति के प्रयास और मीडिया

दक्षिण एशिया में शांति को बढ़ावा देने में मीडिया की भूमिका विषय पर चंडीगढ़ में 8-12 अप्रैल 2016 को आयोजित सेमिनार में दिया गया भाषण     प्रबोध जमवाल यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत और पाकिस्तान के मीडिया, जिसमें खबरिया चैनल भी शामिल हैं, ने दक्षिण एशियाई देशों में शांति एवं लोकतंत्र की भावना को … Continue reading दक्षिण एशिया में शांति के प्रयास और मीडिया

न्यूज चैनल हर घंटे कश्मीर को भारत से दूर ढकेल रहे हैं

शाह फैसल मेरे एक साल के बच्चे के लिए 13 जुलाई 2016 की दोपहर में सोना मुहाल हो गया था। इलाके में कर्फ्यू लगा था और नजदीक की सड़क पर तड़के से ही आजादी के नारों और आंसू गैस के गोलों के धमाकों की भयावह जुगलबंदी चल रही थी। संघर्ष के क्षेत्र में हिंसा से … Continue reading न्यूज चैनल हर घंटे कश्मीर को भारत से दूर ढकेल रहे हैं